July 31, 2026 12:04 pm

सावधान: डेटा कंपनिया बेच रही मात्र 10 रूपए में आपका मोबाइल नंबर, इन्हे खरीद ठगी करते है बदमाश

कोरबा: अब बाजार में आपके नंबर महज 10 रुपए में बिक रहे हैं। ये वो नंबर हैं जिनके जरिए लोग शेयर मार्केट से जुड़ रहे हैं और ट्रेडिंग कर रहे हैं। इन मोबाइल नंबरों को खरीदकर शातिर ठग लोगों को अपना साइबर ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ बिलासपुर साइबर पुलिस ने गुजरात से शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। पता चला है कि आरोपी डेटाबेस कंपनी से संपर्क कर उनसे तीन अलग-अलग कैटेगरी के नंबर खरीदते थे। ये वही नंबर थे जिनके जरिए ठगी और साइबर ठगी की गुंजाइश ज्यादा होती है। इन नंबरों की कीमत महज 10 रुपए थी। इस मामले में गुजरात से गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। उसके साथियों की तलाश जारी है, जिनकी पहचान मीतुल और गजेंद्र के रूप में हुई। 

41 लाख की ठगी के बाद मिली बड़ी सफलता

बिलासपुर साइबर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि धरमजयगढ़ नीचेपारा निवासी आनंद अग्रवाल (45) ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत की थी। पीड़ित ने बताया था कि उसे शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया था। इसके बाद उनसे 3 करोड़ 48 लाख रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद शातिर ठगों ने उनसे 41 लाख रुपए ठग लिए। 

शिकायत के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के बाद आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया गया: इस मामले की जांच शुरू की गई और पुलिस टीम ने ठगी साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि आरोपी गुजरात के अलग-अलग शहरों में रहते हैं। इसके बाद पुलिस टीम गुजरात पहुंची। जहां आरोपी चिराग ठाकोर (21) निवासी ठाकोर वास, मंडली थाना खैरालू जिला मेहसाणा को मेहसाणा से गिरफ्तार किया गया। 

आरोपियों ने बताया कि वे नंबर खरीदते थे

साइबर पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे प्रीमियम बल्क डेटा वेबसाइट से शेयर ट्रेडिंग करने वाले लोगों के नंबर खरीदते थे, जिसके बाद वे आगे की योजना बनाते थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि जालसाज ऑनलाइन वेबसाइट से शेयर ट्रेडिंग करने वाले लोगों के मोबाइल नंबर खरीदते थे। वेबसाइट पर तीन कैटेगरी में नंबर उपलब्ध कराए जाते हैं। इस दौरान हाल ही में शेयर मार्केट से जुड़कर ट्रेडिंग शुरू करने वाले लोगों के नंबर महज 10 रुपये में उपलब्ध थे। आरोपी ने पूछताछ में यह सारी जानकारी पुलिस को बताई। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

1 रुपये में भी खरीदे जाते थे नंबर

साइबर ठगी के शातिर अपराधियों ने कंपनी से तीन कैटेगरी में नंबर खरीदे, जिसमें पहली कैटेगरी 10 रुपये प्रति नंबर की थी। दूसरी कैटेगरी में उन लोगों के नंबर खरीदे, जो कुछ महीने ही ट्रेडिंग किए थे। इन नंबरों की कीमत 5 रुपये थी। तीसरी कैटेगरी में उन लोगों के नंबर रखे गए हैं, जो लंबे समय से ट्रेडिंग कर रहे हैं, उनके नंबरों की कीमत 1 रुपये रखी गई है। जिसका डाटा कंपनी उपलब्ध कराती है।

NEWS AGENCY INA
Author: NEWS AGENCY INA

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