March 9, 2026 4:27 pm

छत्तीसगढ़ के जनकपुर वन परीक्षेत्र में मजदूरों के नाम पर लाखों का घोटाला! चहेतों के खातों में पैसा डालकर निकासी का आरोप

अब्दुल सलाम क़ादरी

  • रेंजर पर गंभीर आरोप, नए डीएफओ को भेजी गई शिकायत — जांच और कार्रवाई की मांग तेज

मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले जनकपुर वन परीक्षेत्र में मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन विभाग के कुछ कार्यों में मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाकर राशि चहेते लोगों के बैंक खातों में डाली गई और बाद में वह रकम वापस निकलवा ली गई।

सूत्रों के अनुसार कई कार्यों में विभागीय नियमों को दरकिनार कर ठेकेदार प्रथा के माध्यम से काम कराया गया। बताया जा रहा है कि पहले ठेकेदार या परिचित लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया और बाद में उसे नकद निकालकर वापस ले लिया गया। इससे लाखों रुपये के गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

मामले में यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कथित रूप से उच्च अधिकारियों तक कमीशन पहुंचाने की चर्चा क्षेत्र में हो रही है, जिससे मामला और अधिक गंभीर बनता जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस पूरे प्रकरण को लेकर जब जनकपुर रेंजर से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठाया गया। रेंजर द्वारा प्रतिक्रिया नहीं देने से मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

वहीं, इस संबंध में वन मंडल मनेन्द्रगढ़ के नव पदस्थ डीएफओ श्री अग्रवाल को लिखित शिकायत भेजी गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या संबंधित रेंजर के खिलाफ जांच बैठाकर कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय नियमों के तहत वसूली, अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा रिटायरमेंट के बाद पेंशन रोकने जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।

फिलहाल पूरे मामले की जांच और विभागीय निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

NEWS AGENCY INA
Author: NEWS AGENCY INA

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