- मुख्य मार्ग भी नहीं अछूता, हादसे की आशंका; नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
अब्दुल सलाम कादरी खोंगापानी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की नगर पंचायत खोंगापानी में आवारा पशुओं की समस्या लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर के मेन मार्केट से लेकर विभिन्न गली-मोहल्लों और मुख्य मार्ग तक सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों का जमावड़ा देखा जा रहा है।
सड़क पर बैठे और झुंड में घूमते मवेशियों के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर शाम और रात के समय सड़क पर अचानक पशुओं के सामने आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बाजार क्षेत्र में दुकानदारों और राहगीरों को भी इनसे परेशानी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समस्या केवल मुख्य बाजार तक सीमित नहीं है। नगर के अंदरूनी मार्गों और मोहल्लों में भी आवारा पशुओं की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि यदि नगर पंचायत क्षेत्र में पशुओं को नियंत्रित करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था है, तो फिर सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में मवेशी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं?
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
आवारा एवं घुमंतू पशुओं से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। शासन के निर्देशों में ऐसे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की बात कही गई थी।
इसके बावजूद खोंगापानी में स्थानीय लोगों द्वारा समस्या बने रहने की बात कही जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि, नगर पंचायत अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान इस रिपोर्ट की तैयारी तक उपलब्ध नहीं हो सका है।
हादसा होने के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर आवारा पशुओं का जमावड़ा किसी बड़े हादसे का कारण बनने से पहले नगर पंचायत को अभियान चलाकर इन्हें पकड़ने, पशु मालिकों की पहचान करने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी दिन वाहन चालक, राहगीर या स्वयं पशु किसी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। अब देखना यह है कि खोंगापानी नगर पंचायत प्रशासन सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने के लिए कब ठोस कार्रवाई करता है।






















