अब्दुल सलाम क़ादरी
- डिजिटल डेटा सुरक्षा, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर संरक्षा पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
एमसीबी/21 फरवरी 2026। जिले में वर्ष 2027 में प्रस्तावित डिजिटल जनगणना की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफल समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार एवं श्रीमती नम्रता डोंगरे ने की। राजधानी रायपुर से आए सहायक निदेशक मनोज महिलांगे, सांख्यिकी अन्वेषक बलवंत सोमकुवर तथा एमसीबी नोडल ऑफिसर अतुल बंसल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027
सहायक निदेशक मनोज महिलांगे ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। इस बार पारंपरिक कागजी प्रपत्रों के स्थान पर मोबाइल एप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी दर्ज की जाएगी।
भारत सरकार के Census Monitoring & Management System (CMMS) के जरिए पूरे कार्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े चार्ज एडमिन, चार्ज यूजर, प्रगणक, सुपरवाइजर, फील्ड ट्रेनर एवं पर्यवेक्षकों को चरणबद्ध एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
घर-घर की विस्तृत डिजिटल प्रोफाइलिंग
प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि जनगणना केवल परिवार के सदस्यों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवासीय सुविधाओं का भी विस्तृत डिजिटल संकलन किया जाएगा।
- पेयजल की सुविधा—नल कनेक्शन, हैंडपंप, कुआं या टैंकर की प्रविष्टि
- बिजली सुविधा—नियमित कनेक्शन, सोलर पैनल या अन्य व्यवस्था
- वाहन विवरण—साइकिल, मोटरसाइकिल, कार या अन्य वाहन
- स्वच्छता व्यवस्था—व्यक्तिगत या सामुदायिक शौचालय
प्रत्येक घर को यूनिक हाउस आईडी प्रदान की जाएगी। मोबाइल एप में दर्ज डेटा पहले डिवाइस में सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्ट होगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही भारत सरकार के सुरक्षित सर्वर पर अपलोड हो जाएगा। हर प्रविष्टि के साथ जीपीएस लोकेशन और समय दर्ज होगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सुपरवाइजर द्वारा यादृच्छिक सत्यापन के बाद ही डेटा अंतिम रूप से लॉक किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर
सांख्यिकी अन्वेषक बलवंत सोमकुवर ने आँकड़ा नैतिकता, गोपनीयता और मोबाइल उपकरण सुरक्षा पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
मोबाइल सुरक्षा के तहत—
- फेस लॉक या फिंगरप्रिंट से सुरक्षा
- ऑटो-लॉक समय-सीमा निर्धारित करना
- अविश्वसनीय प्रोफाइल एवं एडमिन ऐप हटाना
- प्ले प्रोटेक्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रखना
सार्वजनिक वाई-फाई और सार्वजनिक चार्जिंग पोर्ट से बचने की सलाह दी गई। क्यूआर कोड ठगी, फर्जी संदेश और ओटीपी मांगने वाले धोखाधड़ी मामलों से सावधान रहने के निर्देश दिए गए। मोबाइल या सिम कार्ड खोने की स्थिति में तत्काल सूचना देकर पुनः पंजीकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
पूर्ण कवरेज और सटीक आंकड़ों पर जोर
डिजिटल मैपिंग, हाउस लिस्टिंग, रीयल-टाइम प्रगति रिपोर्ट, ग्राम एवं नगर रजिस्टर की भूमिका और पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने की प्रक्रिया पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य फील्ड स्तर पर एकत्रित आँकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नागरिकों की निजता की रक्षा करना रहा।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, निगम कमिश्नर रामप्रसाद आंचला, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार, व्याख्याता तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
डिजिटल जनगणना 2027 के माध्यम से प्रशासन जिले की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन कर विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है।






















