अतारिया, नवलपुर और नरगी में ग्रामीणों को आबादी भूमि के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का किया निरीक्षण
प्रवीण पाठक
भोपाल/शहडोल। ग्रामीणों को उनकी आवासीय भूमि का कानूनी स्वामित्व दिलाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की स्थिति जानने कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने गुरुवार को अतारिया, नवलपुर और नरगी गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने योजना के तहत किए जा रहे सर्वेक्षण और स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। स्वामित्व योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की भूमि का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी आवासीय भूमि पर अधिकार प्रमाणित करने में मदद मिलती है। साथ ही संपत्ति से जुड़े विवादों को कम करने और भूमि का आर्थिक उपयोग करने के अवसर भी बढ़ते हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तीनों गांवों में योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का जायजा लिया। योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आबादी भूमि के अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराना और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना है। इससे ग्रामीणों को भविष्य में भूमि संबंधी मामलों में सुविधा मिल सकेगी।भ्रमण के दौरान अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, सोहागपुर एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, तहसीलदार दीपक पटेल और नायब तहसीलदार श्यामलाल मोगरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






















