March 24, 2026 10:12 pm

साढ़े पांच हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

रायपुर: प्रदेश में 56,895 सरकारी स्कूल हैं, जहां 51,67,357 से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके लिए करीब 1,78,731 शिक्षक हैं। प्रदेश में 5,840 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। इन स्कूलों को एक-एक शिक्षक के भरोसे चलाया जा रहा है। 2022-23 सत्र में 6,271 स्कूल ऐसे थे, जिनमें सिर्फ एक शिक्षक थे। इस बीच सिर्फ 431 स्कूलों में कमी आई है। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा समस्या बस्तर संभाग में है। इसी तरह सरगुजा संभाग में भी हैं। वहीं बस्तर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 430, कोंडागांव 420, सुकमा 300, कोरबा 340, बलरामपुर 300, कांकेर 260, रायगढ़ 260 शिक्षक हैं। वहीं अगर एकल शिक्षकों की बात करें तो वे प्रदेश के सभी जिलों में हैं। रायपुर जिले में भी 20 से ज्यादा स्कूल शामिल हैं। फिर भी शिक्षा व्यवस्था के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरअसल रायपुर शहर के अंदर कई स्कूल हैं, जहां शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। इनमें ठाकुर प्यारेलाल स्कूल, दानी गर्ल्स स्कूल, जेएन पांडे स्कूल शामिल हैं, जहां 50 से ज्यादा शिक्षक हैं।

फेल होने के बाद दोबारा पढ़ाई

केंद्र सरकार की ओर से कुछ दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में फेल होने के बाद उसी क्लास में दोबारा पढ़ाई करने वालों की संख्या 7.7 फीसदी है। वहीं, मध्य प्रदेश में 7.3 फीसदी, झारखंड में 5.4 फीसदी फेल होने के बाद दोबारा पढ़ाई कर अगली परीक्षा पास करने की कोशिश करते हैं।

स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में कमी

छत्तीसगढ़ में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। 2023-24 में प्राइमरी में 1.8, अपर प्राइमरी में 5.3, सेकेंडरी में 16.20 है। वहीं, 2022-23 में प्राइमरी 5.40, अपर प्राइमरी 6.60 और सेकेंडरी 18.20 रहा। हालांकि, ड्रॉपआउट को कम करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने के लिए स्कूलों में सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। एडमिशन के समय शिक्षक गली-मोहल्लों में जाकर छात्रों को पढ़ाते हैं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश करते हैं। नतीजतन, स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, इसके बावजूद शिक्षकों की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या है।

NEWS AGENCY INA
Author: NEWS AGENCY INA

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