March 16, 2026 7:10 pm

रोजगार नहीं देने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, SECL के अफसरों को जारी हुआ अवमानना नोटिस

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार देने के वादे को पूरा न करने पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है. यह मामला सराईपाली ओपन कास्ट परियोजना से जुड़ा है, जिसमें ग्राम बुड़बुड़ के ग्रामीणों की जमीन 2007 में अधिग्रहित की गई थी. अधिग्रहण के समय प्रभावित परिवारों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में कंपनी ने इस वादे से मुकरते हुए रोजगार देने से इनकार कर दिया.

रोजगार नहीं मिलने से नाराज गांव वालों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 15 जनवरी 2025 को एसईसीएल को 45 दिनों के भीतर आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया था. लेकिन आदेश के बावजूद एसईसीएल ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. इसके चलते गांव वालों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की.

29 मई 2025 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने एसईसीएल के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर हरीश दुहान सहित अन्य अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शिशिर दीक्षित ने पैरवी की. वहीं, प्रभावित किसानों की ओर से ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के क्षेत्रीय अध्यक्ष चन्दन सिंह बंजारा ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के समय प्रभावित परिवारों को रोजगार और अन्य लाभ देने का वादा किया गया था. उस समय मध्यप्रदेश पुनर्वास नीति और छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वास होना था, लेकिन 2012 की कोल इंडिया नीति को लागू कर केवल दो एकड़ भूमि वालों को ही रोजगार देने का प्रावधान कर दिया गया, जिससे छोटे किसानों को वंचित कर दिया गया. अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.

NEWS AGENCY INA
Author: NEWS AGENCY INA

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